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ऐसा किसी के साथ न हो, छोटी सी गलती और हरभजन चूक गए इस महत्वपूर्ण पुरस्कार से

भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर और टर्बनेटर के नाम से पहचाने जाने वाले भज्जी यानी हरभजन सिंह ने सरकार से सवाल पूछा है कि आखिर किसकी गलती की वजह से उन्हें खेल में शानदार प्रदर्शन के लिए दिया जाने वाले खेल रत्न पुरस्कार नहीं दिया जा रहा है. दरअसल केंद्र द्वारा कहा जा रहा है कि हरभजन सिंह का फॉर्म देरी से पहुंचा है. इसलिए उन्हें इस वर्ष यह अवार्ड नहीं दिया जाएगा जिस पर हरभजन सिंह ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है.

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हरभजन सिंह ने पूरे मामले पर अपनी राय रखते हुए कहा कि पंजाब के खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह से मेरी अपील है कि वह इस बात की जांच करें कि आखिर खेल रत्न पुरस्कार के लिए उनका नामांकन देरी से क्यों गया. हरभजन सिंह का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी उन्हें मीडिया से हुई है कि पंजाब सरकार द्वारा राजीव गांधी खेल रत्न के लिए उनका नामांकन देरी से भरा गया है. जिसकी वजह से केंद्र ने उनका नाम खारिज कर दिया है.

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हरभजन सिंह ने 2011 में भारतीय टीम को विश्वकप जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसलिए इस अवॉर्ड पर उनका हक है. जिस पर हरभजन सिंह ने कहा कि मैंने इस खेल रत्न पुरस्कार के लिए अपना नामांकन 20 मार्च को ही पंजाब सरकार को दे दिया था. फिर भी इसमें इतनी देरी कैसे हुई यह जांच का विषय है और मैं पंजाब सरकार के खेल मंत्री से गुजारिश करता हूं कि वह इस मामले पर जांच करें.

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हरभजन सिंह का कहना है कि एक खिलाड़ी के तौर पर उनके लिए यह एक सम्मान और प्रेरणा की बात होती कि उन्हें इस तरह के अवार्ड से नवाजा जाता. हरभजन सिंह के साथ ही दुती चंद का नाम भी अर्जुन अवॉर्ड के लिए खारिज कर दिया गया. क्योंकि उनका भी नामांकन देरी से भेजा गया था. आपको क्या लगता है क्या हरभजन सिंह खेल रत्न पुरस्कार मिलना चाहिए या नहीं कमेंट करके जरूर बताएं?